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Federalism, States & Regional Politics

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लद्दाख परिषद चुनाव परिणाम क्या कहते हैं

लद्दाख पहाड़ी विकास परिषद कारगिल चुनाव परिणाम ने केंद्र सरकार की नीतियों को मतदाताओं द्वारा अस्वीकार किए जाने का संकेत दिया है। भाजपा, जिसने विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था, को केवल 2 सीटें मिलीं, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिन्होंने धारा 370 को खत्म करने के केंद्र के फैसले को मुख्य मुद्दा बनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनाव चिन्ह के मामले में लद्दाख प्रशासन को फटकार लगाई, जिससे भाजपा की रणनीति को झटका लगा। यह परिणाम आगामी लोकसभा चुनावों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि स्थानीय लोग धारा 370 की वापसी और 6ठी अनुसूची के तहत विशेष दर्जे की मांग कर रहे हैं।

जम्मू व कश्मीर परिसीमन आयोग रिपोर्ट विवाद

संघशासित क्षेत्र जम्मू व कश्मीर में विधान सभा और लोकसभा सीटों के परिसीमन के लिए गठित जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग ने अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी कर दी है, जिस पर संवैधानिक और राजनीतिक विवाद बरकरार है। रिपोर्ट में जम्मू को 6 और कश्मीर घाटी को 1 अतिरिक्त सीट दी गई है, जिससे कुल 90 विधान सभा सीटें हो गई हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित अन्य दलों ने इस रिपोर्ट को पूर्वाग्रह से ग्रसित बताते हुए खारिज कर दिया है, क्योंकि यह जम्मू व कश्मीर पुनर्गठन एक्ट, 2019 की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं के बीच आई है और परिसीमन एक्ट, 2002 का पालन नहीं करती।

बंगाल में संघीय व्यवस्था पर खंगाल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच बढ़ती तकरार को संघीय व्यवस्था पर सवालिया निशान के रूप में देखा जा रहा है। यह विवाद मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और ममता बनर्जी द्वारा उन्हें अपना मुख्य सलाहकार बनाए जाने के इर्द-गिर्द घूमता है, जो हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद राजनीतिक रसूख की लड़ाई का परिणाम है। लेख केंद्र द्वारा राज्य के मामलों में हस्तक्षेप और प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों पर प्रकाश डालता है, जिसमें यास तूफान समीक्षा बैठक के दौरान हुई घटना भी शामिल है।

संघीय ढांचे की बड़ी नाव में छोटे छेद

यह लेख भारत के संघीय ढांचे पर बढ़ते दबावों की पड़ताल करता है, विशेषकर राज्यों द्वारा स्थानीय निवासियों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण और जीएसटी मुआवजे को लेकर केंद्र-राज्य विवाद के संदर्भ में। मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों द्वारा स्थानीय नौकरी आरक्षण के फैसलों को उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद बाहरी लोगों के लिए नौकरी खोलने के केंद्र के कदम के विपरीत बताया है। वहीं, जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्र द्वारा राज्यों को मुआवजा देने से इनकार करने और उन्हें कर्ज लेने का सुझाव देने पर गैर-भाजपा शासित राज्यों ने इसे संघीय व्यवस्था के खिलाफ "विश्वासघात" करार दिया है।