नगा शांति वार्ता में गतिरोध का दोषी कौन ( दीमापुर से लौटकर शशिधर खान)
यह लेख नगा शांति वार्ता में जारी गतिरोध का विश्लेषण करता है, जिसमें केंद्र सरकार और विभिन्न नगा गुटों, विशेषकर एनएससीएन (आई-एम) के बीच बातचीत शामिल है। लेखक दीमापुर और कोहिमा में अपने अनुभवों के आधार पर नगा लोगों की भावनाओं, अलग झंडे और संविधान की मांग, और AFSPA के प्रभाव पर प्रकाश डालते हैं। लेख में मोन जिले में असम राइफल्स की गोलीबारी की घटना और 'फ्रंटियर नगालैंड' राज्य की मांग का भी उल्लेख है, साथ ही नगालैंड के लिए एक अलग उच्च न्यायालय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।