भारत-बांग्लादेश रिश्ते में तस्लीमा हसीना फैक्टर
लेख तस्लीमा नसरीन की कोलकाता वापसी और शेख हसीना के समर्थन में उनके वक्तव्य को भारत-बांग्लादेश संबंधों के बदलते राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर देखता है। इसमें शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी, अवामी लीग की स्थिति, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव तथा समान नागरिक संहिता पर तस्लीमा के विचारों की चर्चा है। लेख तस्लीमा के निर्वासन और भारत में उनके राजनीतिक-सामाजिक स्वीकार और विरोध के पुराने प्रसंगों को भी वर्तमान घटनाक्रम से जोड़ता है।