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Constitution, Law & Rights

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आरटीआई के आगे नहीं, पीछे देखिए

यह लेख 2019 में आरटीआई एक्ट में हुए संशोधनों की आलोचना करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'पारदर्शिता' नीति के कारण आरटीआई की आवश्यकता कम हो गई है, लेकिन लेखक इस दावे को खारिज करते हुए संशोधनों के माध्यम से केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की स्वतंत्रता को कमजोर करने पर प्रकाश डालता है। लेख में बताया गया है कि कैसे इन संशोधनों ने सीआईसी के संवैधानिक दर्जे और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल व वेतन-भत्तों को केंद्र सरकार के नियंत्रण में ला दिया है, जिससे आरटीआई कानून का मूल उद्देश्य प्रभावित हुआ है।