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Internal Security, Insurgency & Conflict

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राजनीतिक मुद्दा बन गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’

यह लेख 'ऑपरेशन सिंदूर' नामक सैन्य अभियान के राजनीतिकरण पर केंद्रित है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस पर चर्चा के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच विवाद उत्पन्न हुआ, क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभियान के नाम से 'सिंदूर' शब्द हटा दिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में अपनी मध्यस्थता का दावा किया, जिसे भारत ने खारिज कर दिया। घरेलू स्तर पर, अभियान पर टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों की गिरफ्तारी और भाजपा मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर भी विवाद है।

ब्लॉग: म्यांमार सीमा पर केंद्रीय बलों की बढ़ती मुश्किलें

भारत-म्यांमार सीमा पर कंटीले बाड़ और खुली आवाजाही समझौते को समाप्त करने की केंद्र सरकार की घोषणा सुरक्षा चिंताओं के बीच एक रणनीतिक कदम है, लेकिन यह पूर्वोत्तर के चार राज्यों की सीमाओं पर राजनीतिक जटिलताओं को और बढ़ा सकता है। मणिपुर में आठ महीने से जारी जातीय हिंसा पर काबू पाने में केंद्रीय बलों को दोषी ठहराना राज्य सरकार की अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है, जबकि राज्य पुलिस का पक्षपातपूर्ण रवैया सर्वविदित है। केंद्र और सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी राज्य सरकार की नीतियों पर केंद्रित है, न कि केंद्रीय बलों पर, जिन्हें शांति बहाली के लिए तैनात किया गया है। सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा के बीच गहरा संबंध है, और इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी समस्या का समाधान नहीं है।

‘शहरी नक्सली’ मुद्दा कानूनी से ज्यादा राजनीतिक

यह लेख 'शहरी नक्सली' मुद्दे के कानूनी और राजनीतिक पहलुओं की पड़ताल करता है, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी.एन. साईबाबा के यूएपीए मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर प्रकाश डाला गया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनावी भाषणों में 'शहरी नक्सली' शब्द के बार-बार इस्तेमाल और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी जैसे विपक्षी दलों को निशाना बनाने पर भी चर्चा करता है। लेख का तर्क है कि यह मुद्दा कानूनी से अधिक राजनीतिक है, जिसका उपयोग भाजपा द्वारा अपने विरोधियों को बदनाम करने के लिए किया जाता है।