कश्मीर, संविधान और राजनीति
कश्मीर टुडे : धारा 370
अनुच्छेद 370 की समाप्ति ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति, संवैधानिक स्थिति और भारत की संघीय बहस को नए सिरे से परिभाषित किया। यह पुस्तक उसी ऐतिहासिक मोड़ को उसके अतीत, वर्तमान और दूरगामी प्रभावों के साथ समझने का प्रयास है।
इस पुस्तक में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय, अनुच्छेद 370 और 35-ए की पृष्ठभूमि, 5 अगस्त 2019 के फैसले, राज्य के पुनर्गठन, लद्दाख, पीओके, गिलगित-बाल्तिस्तान, पाकिस्तान-चीन कारक, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और चुनावी राजनीति तक की जटिल परतों को क्रमबद्ध ढंग से रखा गया है।
शशिधर खान चार दशकों से अधिक समय से राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हिंदी पत्रकारिता में राजनीतिक-सामाजिक प्रश्नों पर लिखते रहे हैं। कश्मीर, उत्तर-पूर्व, नक्सलवाद और सीमांत क्षेत्रों पर उनका लेखन केवल घटनाओं का ब्यौरा नहीं, बल्कि लंबे पत्रकारिक अनुभव से निकला हुआ विश्लेषण है। यही अनुभव इस पुस्तक को सामान्य राजनीतिक टिप्पणी से अलग बनाता है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो कश्मीर को नारे, पक्ष-विपक्ष या तात्कालिक बहस से आगे जाकर उसके ऐतिहासिक, संवैधानिक और भू-राजनीतिक संदर्भ में समझना चाहते हैं।