कांग्रेस-सीपीएम बेमेल गठजोड़ की गांठ
- शशिधर खान
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में करारी हार का जख्म अभी ताजा है । इसलिए मौजूदा रस्साकसी में उसका असर प्रतीत हो रहा है ।
सीपीएम ने अगले महीने कन्नूर में होनेवाले 23वें पार्टी कांग्रेस के लिए तिरूवनंतपुरम लोकसभा सीट से जीते कांग्रेस के शशि थरूर और दूसरे कांग्रेस नेता के॰ वी॰ थॉमस को सेमीनार में आमंत्रित किया । केरल प्रदेश कांग्रेस यूनिट के अध्यक्ष के॰ सुधाकरन ने २० मार्च को डिक्टैट जारी कर दिया कि संसद सदस्य समेत कोई पार्टी नेता सीपीएम के सेमीनारों में अगर हिस्सा लेते हैं तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना होगा ।
अभी वैसे समय में सीपीएम को कांग्रेस से अप्रिय संदेश मिला है, जब कांग्रेस के अंदर ही नेतृत्व को लेकर घमासान मचा हुआ है । कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप-23 धड़े में शशि थरूर और के॰ वी॰ थॉमस दोनों हैं । लेकिन शशि थरूर ने जब सीपीएम के सेमीनार में शामिल होने से इंकार किया तो उसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का ही हवाला दिया । २१ मार्च को दिल्ली में जारी एक वक्तव्य में सांसद शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने सीपीएम के आमंत्रण का स्वागत किया, क्योंकि यह पार्टी का राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन है और सीपीएम केंद्रीय कमिटी का सबसे बड़ा मंच होने के कारण इस आयोजन में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सीपीएम की राष्ट्रीय नीति तय होती है ।
सबसे महत्वपूर्ण बात शशि थरूर ने अपने वक्तव्य में ये कही - उन्हीं के शब्दों में - ‘इस मामले में सोनियाजी के विचारों का सम्मान करता हूं और उनसे बात होने के बाद सीपीएम आयोजनकर्ताओं को उसमें शामिल होने में अपनी असमर्थता से मैंने अवगत करा दिया है ।’शशि थरूर ने एक बार भी कांग्रेस की केरल यूनिट के अध्यक्ष सुधाकरन का नाम नहीं लिया । सुधाकरन की ओर से सीपीएम सम्मेलन में शामिल होने पर प्रतिबंध के दिन २० मार्च को तिरूवनंतपुरम में संवाददाताओं द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर शशि थरूर ने कहा - ‘‘मैं इस प्रतिबंध से अवगत नहीं हूं । अगर पार्टी की ओर से ऐसा कोई निर्देश है तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात करके तय किया जाएगा कि सेमीनार में शोमिल होना है या नहीं । वैसे सीपीएम का यह राष्ट्रीय सम्मेलन है और उनके साथ राजनीतिक वार्ता में कुछ भी गलत नहीं है ।’’
समझा जाता है कि कांग्रेस की केरल यूनिट इसके खिलाफ थी कि पार्टी के कोई नेता सीपीएम के आयोजन में शरीक हों । सीपीएम पोलित ब्यूरो ने धर्मनिरपेक्षता और केंद्र-राज्य संबंध जैसे ज्वलंत मुद्दे पर शशि थरूर तथा के॰ वी॰ थॉमस का वक्तव्य रखा था । के॰ वी॰ थॉमस राज्य सभा का चुनाव लड़ने के लिए टिकट न दिए जाने के कारण पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं, मगर उन्होंने भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान तय करेगा कि मुझे सीपीएम के सेमीनार में भाग लेना चाहिए या नहीं ।
सीपीएम महासचिव सीताराम येचूरी से लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन को छोड़ सभी नेताओं ने कांग्रेस के इस रवैए की आलोचना की है ।
अभी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा विधान सभा चुनावों में करारी हार के कारण कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हुई है । बरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने वैसे सोनिया गांधी से मिलने और कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक के बाद कहा तो कि सोनिया गांधी से अध्यक्ष पद छोड़ने नहीं कहा गया है । मगर यह मामला दबा नहीं है । कांग्रेस नेतृत्व नहीं चाहता है कि सीपीएम के सम्मेलन में ऐसे प्रतिकूल माहौल में शशि थरूर असंतुष्ट होने के बावजूद हिस्सा लें । कांग्रेस-सीपीएम बेमेल गठजोड़ की गांठ
Congress Cpm