‘भारत’, ‘इंडिया’और भाजपा का राजनीतिक विवाद
- शशिधर खान
उबानेवाला बहुप्रचारित G -20 (ग्रुप-20) शिखर सम्मेलन आयोजनों के समापन के समय 09 सितंबर को डिनर के लिए राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए निमंत्रण में भी इंडिया-भारत को लेकर विवार खबरों में आया । निमंत्रण में ‘प्रेसिडेंट ऑफ भारत’लिखा गया था । सभी राजनीतिक दलों ने जबरन ‘भारत’थोपे जाने की इस नीति की आलोचना की ।
NCERT कमिटी के एक सदस्य पुरातात्वविद वसंत शिंदे ने प्रस्ताव भेजने की पुष्टि करते हुए ‘विष्णु पुराण’का हवाला दिया और कहा कि हर हाल में देश का नाम ‘भारत’ही उचित है, जो सिफारिश सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से भेजा है ।
केरल में सत्तारूढ़ CPM के राज्य सचिव एम॰ वी॰ गोविंदन ने संविधान की धारा-1 का हवाला देते हुए कहा कि केरल के स्कूल सिलेबस में देश का नाम इंडिया ही रहेगा, जैसा संविधान में है । कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी॰ शिवकुमार ने - NCERT के प्रस्ताव को ‘गलत’बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने दवाब डालकर ऐसा प्रस्ताव तैयार करवाया है । सीपीएम और कांग्रेस ने ‘भारत-इंडिया’विवाद के अलावे डार्विन का सिद्धांत, मुगल इतिहास और महात्मा गांधी का जीवन, कार्यकाल तथा हत्या प्रसंग कथित रूप से हटाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है । Archive quality note: This text is readable and verified for publication, but minor Unicode or source-quality imperfections may remain.
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